Call Forwarding Or Call Divert क्या है और कैसे करे

तेजी से दुनिया बदलने के साथ साथ हम सभी materialism लाइफ में acquainted हो चुकेहैं। इस materialism लाइफ में मोबाइल के भूमिका बहुत ही महत्पूर्ण है। जैसे की मोबाइल सभी मनुस्य के जिंदगी का एक हिसा बन चूका है। इसलिए सभी को मोबाइल के इस्तेमाल के बारे में जानना जरुरी है। इसलिए आज हम जानेंगे की, कॉल फॉरवार्डिंग (Forwarding) या Call Divert क्या है और क्यासे करते हैं।

मोबाइल में बहुत सारा feature हैं जिस में call divert या forward इनमेसे एक है। Call divert या forward क्या है और कैसे करते हैं, ये जानने से पहले आपको आपकी फ़ोन पे नेटवर्क सिग्नल होना जरुरी है। मतलब ये process नेटवक के ऊपर निर्भर करता है।
तो चलिए जानते हैं की Call Forwarding क्या है?

Call Forwarding Or Divert क्या है और कैसे करे?

Call Forward/Call Divert क्या है?

Actually में, Call Forward या Divert क्या है?
किसी एक मोबाइल का Incoming call को दूसरे मोबाइल नंबर को transfer करने के process को कॉल forwarding कहते हैं। 

अगर देखा जाए तो, Call Forwarding प्रोसेस में आप किसीभी मोबाइल नंबर को आप कॉल डाइवर्ट कर सकते हो। जो की एक अच्छे प्रोसेस है, और जिसके मद्दत से आप weak यानि no नेटवर्क मोबाइल नंबर का incoming call को दूसरे strong वाले नेटवर्क को डाइवर्ट करसकते हो। जो की एक मोबाइल यूजर के लिए advantage है।

Example के तौर पे अगर आप कोई rural area या कोई ऐसी जगा जहाँ कोई एक नेटवर्क ना हो और दूसरा नेटवर्क strong हो। तो आप वहां पे आप Call divert करके Important कॉल को receive कर सकते हो।

जैसे की कहा जाता है, सभी चीज़ का Advantages के साथ साथ Disadvantages भी होता है। इसी तरहा ऐसे बहुत लोग हैं जो इस process को गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग बिना बताए Call divert करते रहते हैं, जिस के कारन call divert किये हुए user को unwanted कॉल्स receive करना पड़ता है। जो call Divert प्रोसेस के एक Disadvantages है।

Call Divert/Forwarding के Advantages

  1. समान नेटवर्क के अलावा दूसरे नेटवर्क को कॉल डाइवर्ट कर सकते हो। (जैसे अगर आप Idea SIM इस्तेमाल कर रहे हो तो आप Airtel नंबर को कॉल Divert करसकते हो)
  2. वीक नेटवर्क के Calls को Strong नेटवर्क को डाइवर्ट हो सकता है।
  3. Dual सिम मोबाइल पे Call Divert से Current conversation पे Incoming call कर सकते हो।
  4. Rural एरिया और लौ नेटवर्क एरिया में Strong नेटवर्क को कॉल फॉरवर्ड कर सकते हो।

Call Divert/Forwarding के Disadvantages

  1. कोईभी आदमी किसीभी नंबर को Call divert कर सकता है
  2. No Network में कॉल डाइवर्ट Process active करना पड़ता है (Live Network पे ही call forward Active करने के बाद काम करता है)
  3. बिना नेटवर्क के Call divert काम नहीं करता है

Call Forward या Call Divert कैसे करे?

जैसे के मैं आपको बताना चाहूँगा की, ये कॉल डाइवर्ट या कॉल forward process एक आसान प्रोसेस है। जो की आपके सभी मोबाइल फ़ोन में सम्भब है। कोईभी फ़ोन मतलब Android, iPhone, Symbian, Java etc . ये इसलिए मुंकिन है क्योंकि ये एक network based प्रोसेस है, तो कोईभी मोबाइल पे आप call divert करसकते हो।

यह प्रोसेस दो तरीके से काम करता है, जो की आप नंबर डायल करके या मोबाइल के call function में जाके कर सकते हो। नंबर डायल प्रोसेस सबसे आसान और कारगर प्रोसेस है। लेकिन कभी कभी ये प्रोसेस सही तरीके से काम नहीं करता है इसलिए Call Function ही काम आता है।

Call function का use करके Call Forward process संभव है। लेकिन सभी मोबाइल का functions OS यानि Operating system के हिसाब से अलग अलग होता है, जो की आपको इंस्ट्रक्शन के हिसाब से Call Forwarding process को Active करना होगा।

Call Forwarding Codes क्या हैं :

Call Forwarding Codes के मद्द से आप कोई भी मोबाइल फ़ोन से आप कॉल Divert करसकते हो। आप चार way से कॉल को डाइवर्ट करसकते हो। यानि कॉल busy होने पर, Phone Switch off या not-Reachable होने पर और always ट्रांसफर कर सकते हो।

Call Forwarding Codes:-

निचे दिए गए codes पे आप कोईभी मोबाइल में call forwarding करसकते हो।

N/AWhen busySwitch Off Or Not-reachableNot RespondingCall Divert All ConditionAlways Divert
Divert To number**67*number#**62*number#**61*number**x#

(x=5,10,15,20,25,30) Seconds

*#004*number#*#21*number#
Deactivate#67##62##61##004##21#
Erase Divert##67###62###61###004###21#
Status Of Divert*#67#*#62#*#61#*#004#*#21#

ऊपर के codes का use करके आप कोई भी मोबाइल में Call फॉरवार्डिंग करसकते हो।

Phone Setting में Call Forwarding कैसे करे

जैसे की मैं आपको बता चूका हूँ की सभी फ़ोन के सेटिंग अलग होता है। लेकिन सभी फ़ोन का कॉल setting लगभग सामान होता है। क्योंकी कॉल setting नेटवर्क based Program है इसलिए।

Call Forwarding kaise Kare

  1. मोबाइल के Call Setting में विजिट करे
  2. मोबाइल में Call Forwarding Settings के ऊपर click करे
  3. अगर आप dual SIM यूजर हैं तो अपना SIM choose करे
  4. then आप Voice Call या Video Call को Divert करना चाहते हैं, choose करे
  5. अगर आप Voice Call Choose करते हो तो आपको Always forward, When Busy, When Unanswered, When Unreachable का Option आएगा तो आपको कैसे condition में call forwarding करना choose करे
  6. इनमे से कोई भी option चूसो करने के वाढ आपका नंबर dial करके turn on करने से Call Forwarding सुबिधा आपके फ़ोन में एक्टिव हो जायेगा।

Visit For More Info: Visit

Conclusion: 

ऊपर के लिखे गए आर्टिकल में आपको call forwarding और call divert kaise kare सारि जानकारी मिल पायेगा अगर call diver को लेके आपके मन में कोई doubt है या कोई मुश्किल है तो आप मुझे कमेंट सेक्शन में बता सकते हैं। मैं आपको जरूर सहायता करूँगा, वेबसाइट में Visit करने के लिए Thank You।Snippet not selected.

SERP क्या है? What Is SERP In Hindi (Search Engine Results Page)?

(Search Engine Results Page) SERP क्या है और क्यसे काम करता है, सभी Bloggers यह पता होना बहुत जरूरी है। अपने साइट को एक नई और modern way में Search Engine Results Page पर show करने के लिए SERP का जानकारी होना चाहिए। लेकिन Schema, Structured Data & Rich Snippet के Confusion के कारन, वो वेबसाइट में Snippet और Additional Data नहीं show कर पाते।

जानिए

हर रिजल्ट पेज पर ऑर्गनिक रिजल्ट और Sponcered रिजल्ट के साथ Rich snippet के search reasult show करता है। सभी Bloggers को Rich Snippet क्या है और वेबसाइट में इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है? ये जानने का उत्साह रहता है। जो की में पहले ही एक आर्टिकल में बता चूका हूँ।

Search Engine डेवलप होने के बाद रिजल्ट पेज पे only आर्गेनिक सर्च quary के results show करता था। Searchers के needs के अनुसार कम समय में जादा Information show करने के लिए SERP को Upgrade करके Rich Snippet और Sponcer रिजल्ट show किया गया। जो की आज के SERP में देखने को मिलता है।

SERP Kya Hai?

(Search Engine Results Page) SERP क्या है?

SERP का full form है Search Engine Results Page.

Search query के रिजल्ट्स, Search Engine के जिस page पे show करता है, उसे पेज को Search Engine Results Page कहते हैं।

अगर आसान भाषा में SERP क्या है देखा जाए, तो कोई Searcher Google Search Engine में सर्च करता है। Then Search query के अनुसार results जाहाँ पे show करता है, उसे SERP यानि Search Engine Results Page केहते हैं।

सभी सर्च इंजन के रिजल्ट्स पेज पे इंडेक्स्ड पेज ही शो करता है। अन्य भाषा में listing किये हुए वेब्सीटेस के समूह भी कह सकते हो। तो सभी results को organic रिजल्ट्स कहा जाता है। सभी रिजल्ट्स इंडेक्स होने के बाद SERP पे show करता है। और search results के 1st पेज पे ranked वेस्बिटेस (Web Pages) ही शो करता। मतलब searcher के query के हिसाब से कौन सा वेबसाइट सही है search engine decide करने के वाद show करता है। सभी वेब्सीटेस के SEO अच्छे अच्छे हो तभी Search engine के 1st पेज पे show करता है।

इसके आलावा Results पेज पे only organic रिजल्ट्स show नहीं करता। में पहले ही बता चूका हूँ की Searcher के time save करने के लिए SERP पे Rich Snippet Data यानि featured डाटा और Sponsored ads भी show करता है।

SERP के क्या Features हैं?

जैसे की हम जानते हैं कि Google के Results पेज पे Organic रिजल्ट्स के साथ साथ rich snippet और Sponsored advertisement भी show करता है। जो की SERP features में count होता है।
भलेही SERP के सभी features सुननेमे अलग लगते हो, लेकिन सभी result सर्च query relevant ही होता है।
Example:- अगर कोई searcher “Low-Cost Headphone” अगर सर्च करता है, SERP के result के हिसाब से Headphone की Rich Snippet, Sponsored Ads और Organic Result show करता है।

अगर आप paid marketing करके खुदका product to promote करना चाहते हो तो, Google पे आप sponsored ads show कर सकते हो?

SERP के चार features हैं, जैसे की

  1. Rich Snippet
  2. Paid Result
  3. Universal Result (Organic Result)

Universal Result (Organic Result):-

अगर आप Blogger हो तो आपको Organic रिजल्ट यानी Universal result के बारे में पता होगा। Organic Result वो result है जो search query के actual डाटा होता है। सभी Snippet डाटा आर्गेनिक रिजल्ट की डाटा से लाया जाता है जो की सबसे महत्वपूर्ण है। ये सभी आर्गेनिक रिजल्ट Search engine में index वेबपेजेस हैं जो searcher के query के हिसाब से result page पे show करता है।

Search Page पर Listed वेब्सीटेस के Title और meta description ही show करता है, जिसका एक letter लिमिटेशन होता है।
SERP में सभी organic result वेबसाइट के SEO पर निर्भर है। जिस वेबसाइट का High Domain Authority और page Authority है उसका rank उतना ज्यादा है।

Rich Snippet:-

Rich Snippet एक SERP features Based रिजल्ट है। Search Engine, Websites के Structured data को read करके अतिरिक्त data रिजल्ट्स show करता है।
आप सभी देखे होंगे की Google में search करने के बाद, a आपके query related कुछ product, Reviews, Videos, Recipies, Date, Temperature, etc result page पे show करता है। उसी results को Rich Snippet कहते हैं।

Rich Snippet के प्रकार:-

  1. Review
  2. Videos
  3. Local Listing
  4. Image
  5. Article
  6. News Box
  7. Tweets
  8. Sitelinks
  9. Q&A Snippet
  10. Sponsored
  11. Shopping Product

सभी blogger और marketer अपने products को promote करने के लिए, Result page के 1st no पे आना चाहते हैं जो की बहुत मुश्किल है लेकिन मुमकिन है। Google के 1st page पे आनेका दो ही रास्ते हैं, जो की Website पे SEO करो या SERP पे advertisement करो। क्यूँ की Google पे 1st page पर अपना वेबसाइट display करने के लिए भी Google Money Charge  करता है। जो की एक Sponsored यानि Advertise के तरहा visible होता है।

Like Rich Snippet searcher के query के related रिजल्ट page पे Advertise व्ही शो करता है। जो की SERP के एक फीचर यही।

अधिक जानकारी के लिए ये आर्टिकल पढ़े? Wikipedia

Conclusion:-

ऊपर के आर्टिकल आप SERP क्या है, सारी जानकारी आपको मिल पायेगा अगर SERP को लेके आपके मन में कोई doubt है तो आप कमेंट में बता सकते हो। या आप SERP के related कोई जानकारी देना चाहते हो तो भी अप्प कमेंट में बता सकते हो, असा करता हूँ की ये article आपके लिए मद्दत कार होगा।

Structured Data, Rich Snippets, और Schema में difference क्या है?

हेलो दोस्तों, आज हम जानेंगे की Structured Data, Rich Snippets, और Schema में difference क्या है?

जादातर वेबसाइटो में Schema mark up नहीं हो पता। इसका सबसे बड़ा region है Schema, Structured Data और Rich Snippet के confusions के वजेसे।लगभग सभी नई bloggers इन चीजों को लेके इतना confusion हो जाते हैं की या तो वेबसाइट में गलत तरीके से Implement करते हैं या बिलकुल ही नहीं करते। अगर आप एक नई ब्लॉगर हो और Structured Data, Rich Snippets, और Schema के बारे में जानना चाहते हो तो इस आर्टिकल को धन से पढ़े। तो इसका इस्तेमाल सबसे आसान है और आप SERP (SERP क्या है?) पे आप display करसकते हो।

Structured Data, Rich Snippets, और Schema में difference क्या है?

Structured Data Vs Rich Snippets Vs Schema

Structured Data:

Structured Data एक तरह का code होता है, जो की वेबसाइट add किया जाता है। और इसके के हिसाब से Rich Snippet, Twiter Card, Vcard & Schema SERP पे show कर है। आसान भासा में Rich Snippets & Twitter cards, structure Data के example हैं।
सभी Structured Data एक वेबसाइट के additional डाटा होते हैं, जो की एक वेबसाइट को पूरी तरहा से represent करता है। Specially structured data search engine के लिए होता है, Search Engine अंदर से read करके SERP पे display करता है।Structured data In hindi

Rich Snippet

Search Engine किसी वेबसाइट के Structured Data को Read करके SERP पे display करने को Rich Snippet कहते हैं।
आसान भासा में वेबसाइट के अन्दर के Structured Data code को search Read करता है और उसको SERP में शो करता है तो शो करने वाला रिजल्ट को Rich Snippet कहते हैं।
Example के हिसाब से Review, Product List, News Box सभी एक एक Rich Snippet हैं।

Schema

Structured Data में जो वेबसाइट के Information mark Up किया जाता है उसे Schema कहते हैं।
आसान भासा में search engine structured data को read करके जो useful information SERP पे display करता है उसे schema कहते हैं।
Example के हिसाब से एक Company के location, Time, E-Mail & Product डाटा, ये सभी एक schema डाटा हैं। ये सब डाटा search engine से read होता है। Schema एक वेबसाइट को आछे तरहे से represent करने के साथ वेबसाइट के traffic increase में मद्दत करता है।

अधिक जानकारी के लिए ये आर्टिकल पढ़े-Click Here

Conclusion:-

ऊपर के article में आप Structured Data, Rich Snippets, और Schema में difference क्या है, आसानी से जान पाएंगे। अगर आपको इस बिषय पे कोई doubt है या आप कुछ अधिक जानकारी देना चाहते हो तो आप कमेंट में बता सकते हो, Thank You For Visiting.

Backlink कैसे बनाये और Backlink कितने प्रकार का हैं?

hello, दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे की Backlink कितने प्रकार का है और क्यासे बनाये?

बैकलिंक एक वेबसाइट रैंकिंग के वो पहलु है जिस से वेबसाइट को organic ट्रैफिक मिलता है. बैकलिंक के impotance बढ़जाने के बाद बहुत ब्लॉगर spam तरीके से बैकलिंक बनाने को कोशिश करतेहैं। जो की वेबसाइट रैंकिंग के लिए अच्छे नहीं होते. हालाकि वो बकलंक से वेबसाइट रैंक हो जाता है लेकिन कुछ समय बाद गूगल वो वेबसाइट को panalised यानि search engine से निकल देता है।

आप अगर आपके वेबसाइट को long time के लिए ranking aur traffic को बरक़रार रखना चाहते हो तो सही तरीके से लिंक बिल्डिंग करना पड़ेगा। सभी अच्छे Bloggers का मानना है की वेबसाइट के ranking डोमेन age पर भी निर्भर करता है. Website पे अच्छे लिंक building से Domain age बढ़ता है और domain का reputation बढ़ोत्री होता।

में पहले ही बता चूका हूँ की बैकलिंक क्या है? अभी इस आर्टिकल में बैकलिंक क्यासे बनाना है आज जानेंगे।

Backlink क्यासे बनाये और Backlink कितने प्रकार का हैं

Backlink क्यासे बनाये और कितने प्रकार का हैं?

बैकलिंक बनाना एक अछि seo हैबिट है। एक वेबसाइट के रैंकिंग उसके लिंक बिल्डिंग यानि बैकलिंक के ऊपर depand करता है. इसलिए जितना हो सके उतना good backlinks बनाओगे तो आपके वेबसाइट के ranking में उतना changes होगा।
एक आछा ब्लॉगर हमेसा quality और high authrity साइट्स से backlink बनाने को try करता है. क्योंकि अच्छे authority साइट से link लेन से आपके वेबसाइट के domain और page authority भी बढ़ता है.

अभी हम जानेंगे की Backlink क्यासे बनाये?

Backlink बनाने के बहत process हैं, जैसे की:-

  1. Guest Posting
  2. Blog Commenting
  3. Directory Submission
  4. PDF Submission
  5. Forum Q&A
  6. Profile Creation

Guest Posting Backlink क्यासे बनाये:-

सभी अच्छे blogger’s के हिसाबसे Guest posting बैकलिंक बनाने का सबसे आछा और natural link building process है। ये process में penalized का खतरा कम होता है. क्योंकि बैकलिंक का moto है की एक वेबसाइट के necessity को show करना। अगर लेखे गए article helpful है और वेबसाइट popular है, तो उसे बैकलिंक बनाना वेबसाइट के लिए बहत आछा होता है।

Guest Posting बैकलिंक process जितना ही आसान है उसको बनान उतना ही कठिन है। Guest posting का actual मतलब है की आपको एक ब्लॉगर के ब्लॉग पे post लेखना होगा तो उसी हिसाब से अगर आपका आर्टिकल ब्लॉगर को अच्छे लगे तो आपके post approve होने के साथ साथ बैकलिंक भी मिलता हे।
कोईभी blog के लिए guest post करते समय हमेसा आपका content को unique रखे, topic related content लेखे, पोस्ट के अंदर spam लिंक का इस्तेमाल ना करे, long content बनाये, content में रेच word का प्रयोग करे और conetnt में authentic way में बैकलिंक करे।

Blog Commenting Backlink क्यासे करे:-

सभी नए ब्लोग्गेर्स के लिए blog commenting backlink एक आछा start up होता है. Blog कमेंटिंग बैकलिंक के मद्दत से कोईभी नई ब्लॉगर उसके ब्लॉग्गिंग का experiment करसकता है।
इस तरह का बैकलिंक में आपको कोईभी एक Blog post में कमेंट करना होता है। ये process तब सम्भब हो पायेगा जब कोई ब्लॉग आपका comment box active किया होगा। केबल कमेंट box visible ब्लॉग post में आप कमेंट कर सकते हो।
कोईभी blog post में comment करते समय हमेसा आछा कमेंट करे, छोटा comment ना करे, topic के हिसाब से कमेंट करे, स्पैम comment यानि spam link drop ना करे। ये सभी चीज़ को ध्यान में रख के आगर comment करते हो तो अप्पके कमेंट approve होने के साथ आप backlink पा सकते हो।

सभी ब्लॉग में कमेंट dofollow नहीं होता जो की आपको बैकलिंक बनाने से फायदा नहीं होता। क्योंकि nofollow बैकलिंक्स से आपके वेबसाइट का रैंकिंग increase नहीं होगा। कोईभी ब्लॉग पे कमेंट करने से पहले ब्लॉग पे dofollow कमेंट या nofollow कमेंट approve हो रहा है की नहीं जान कर कमेंट करे।

Diractory Submission Backlink Backlink क्यासे करे:-

Directory submission एक advance बैकलिंक प्रोसेस है जिसके मद्दत से कोईभी directory वेबसाइट से आप बैकलिंक build करसकते हो। आज कल सभी directory वेबसाइट पे paid listing हो रहा है। इसके अलावा भी कईं listing वेब्सीटेस हैं जो की फ्री में listiing का काम कर रहे हैं।

सभी directory वेबसाइट commercial purposeके लिए बनाया जाता है। तो premium listing में भी कोई खतरा नहीं है, आप आपका paid बैकलिंक भी एक natural बैकलिंक की तरहा काम करेगा।

Directory वेब्सीटेस पे आपका खुद का वेबसाइट या कुछ भी प्रोडक्ट को online में प्रमोट करने का साथ, आपका वेबसाइट का लिंक शेयर करसकते हो। same पेज google में index होने के बाद एक बैकलिंक के तरहा काम करेगा।

PDF Submission Backlink क्यासे करे:-

Pdf बैकलिंक creation process से PDF document को pdf submission वेबसाइट में upload करने से बनता है। अगर आप एक नई blogger ही तो ये बकलांक backlink process से आप easy process है।

PDF बैकलिंक process से कुछ technical या Idea shareing PDF बनाकर उसमें आपका वेबसाइट का dofollow link drop करना होगा। Then वही PDF DOCUMENT को PDF shareing वेबसाइट में upload करना होगा। थें इस प्रकार आप एक dofollow बैकलिंक बनासक्ते हो।

PDF submission बैकलिंक में dofollow बैकलिंक बनाने के साथ साथ आपके वेबसाइट पे referal ट्रैफिक ला सकते हो। इसमे ध्यान रखना जातुरी है कि आपके शेयर किए हुए PDF helpful हो।

Forum Q&A Backlink क्यासे करे:-

internet में बहुत से forum हैं जहन से आप backlink बिल्ड करसकते हो। हलाकि forums Q&A platform होता है, जो की आप आसानी से backlink बनसकते हो।
फोरम का सभी लिंक search engine में index होता है जो आपको आसानी से dofollow backlink मिल सकता है. सभी forums का high domain authority और spam स्कोर कम होने के वजेसे वेबसाइट ranking में बढ़ोती की chance बहत होता है।

forum में बैकलिंक बनाने के लिए आपको किसीभी टॉपिक पे reply या answer होता है। अगर आपके वेबसाइट में फोरम के topic related कोईभी डाटा है तो आप उसके लिंक शेयर करसकते हो। में बहुत bloggers को देखा हूँ के वो फोरम में spam एक्टिविटी करते हैं। जो की एक बैकलिंक बनाने के लिए nagetive way है। यहां ध्यान रखना जरुरी है की कोईभी spam activity से forum का admin आपको ब्लॉक भी कर सकता हे।

Profile Creation Backlink क्यासे करे:-

Profile creation बैकलिंक में कोईभी पॉपुलर वेबसाइट में प्रोफाइल बनके लिंक drop करने से backlink बनता है. मैं लगभग आपको सभी बैकलिंक के process के बारे में बता चूका हूँ। सभी बैकलिंक प्रोसेस ये process सबसे आसान है और कोईभी हाई authority वेबसाइट से ये बैकलिंक generate किया जा सकता है।
इस प्रोसेस को करने के लिए आपको वेबसाइट पे sign up करके प्रोफाइल क्रिएट करना है। आपके सभी detail के साथं अगर आप आप का वेबसाइट का url drop करते हो तो वहां से आप एक बैकलिंक प् सकते हो।
इससे पहले आपको ये देखना होगा के उसका profile URL search engine में इंडेक्स हो रहा है की नहीं।

Conclusion:-

ऊपर लेखे गए आर्टिकल में में आशा करता हूँ के आपको बाखली के बारे में जान ने में और बैकलिंक कितने प्रकार का होते हैं बारे में मद्दत मिलेगा। अगर आपके पास कोई अन्य सुझाब है या backlink बनने को लेके कोई doubt है तो आप मुझे कमेंट में बता सकते हैं। बैकलिंक के अधिक जानकारी के लिए ये आर्टिकल पढ़े बैकलिंको

What is Backlink In Hindi? Backlink क्या है, और क्या फायदे होते हैं?

Hello, दोस्तों आज का हमारा बिसय बस्तु है Backlinks, बैकलिंक्स क्या है और और उसके फ़ायदा क्या है? उन बिसेमे जानेंगे.

बैकलिंक्स बनाना SEO के एक अच्छे pratice में से एक है. बहत सारे blogger अछे अछे आर्टिकल लिखने के बाथ भी उनके वेबसाइट रैंक नहीं हो पाता. और कुछ नई bloggers गलत way से भी लिंक बनाने के कारन भी साइट रैंक नहीं करपाते.
पर इस आर्टिकल में Backlink के सारे जानकारी अछे से दिया गया है. यानि कन सा backlink वेबसाइट केलिए जरुरी है और कन सा नहीं ये आप आसानी से जान पाओगे. आईये जानते हैं बैकलिंक क्या है?

Backlinks क्या है और Backlinks के फायदा क्या हैं?

Backlink क्या है? What Is Backlink In SEO

“Backlink एक  hyperlink है जो दूसरे website से  link होता  है.”

Backlink एक लिंक बिल्डिंग process है जिसके मदत से वेबसाइट को आसानीसे rank किया जाता है. वेबसाइट को लम्बे समय तक चलने के लिए वेबसाइट में quality बैकलिंक्स का होना बहत जरुरी होता है.Quality Backlink बनाने के लिए बहत सारा rule follow करना पड़ता है.

बैकलिंक के Impotance बढ़ने के बाद बहत नई ब्लोग्गेर्स लिक buy/sell, Link exchange करते रहते हैं, जो की गूगल के नजर में एक spam हैबिट होता है.

वेबसाइट rank करने के लिए Natural लिंक बनाना बहत जरुरी है. जादा backlink बनाने से आछा, कुछ quality बैकलिंक वेबसाइट ranking में मदत करता है और Domain Authority को भी बढ़ाता है.  तो हमेसा quality और relevant लिंक बनाने के लिए try करे.

For An Example:- अगर आपका कोई travel का website है, और आप किसी Hotel, Turrist & ticket बुकिंग वेबसाइट से बैकलिंक बनाते हे, ये सभी  बैकलिंक  reavent होगा।

सभी backlinks automatic way (Spam Bots) में बनना नहीं चईये artificial way में होना चईये. अगर कोई high spam score वेबसाइट से backlink बनाते हो, तो Google में website penalized होने का बहत chance रहता है. सभी backlinks गूगल को नेचुरल लगनी चईये।जादा spam score वाले साइट से बैकलिंक ना बनाये तो आछा है.

Search Engine के अनुसार, बैकलिंक दो प्रकार के होते हैं एक “Do-Follow Backlink” होता है और दूसरा “No-Follow Backlink” होता है।

Do-Follow/No-Follow Backlink क्या है?

Do-follow Backlink:- 

Do-Follow बैकलिंक एक Clickable लिंक है, जो Search Engine को Follow करने की अनुमति देता है।

Example:- <a href=”https://Example.com/”>Example</a>

Or

<a href=’https://example.com’ rel=’dofollowclass=’url‘>Example</a>

 

यहां पर जानना जरुरी है कि, सभी Do-Follow लिंक्स को ही search Engine Count करता है और वेबसाइट rank बढ़ने में मदत करता है इसीतरहा वेबसाइट में no-follow backlinks से जादा do-follow backlink होना जरुरी है.

No-Follow Backlink:-

No-Follow बैकलिंक एक Clickable लिंक है, जो Search Engine को Follow करने की अनुमति नहीं देता है। 

<a href=’https://example.com/’ rel=’external nofollow‘>Example</a>

नो-फॉलो बैकलिंक्स website ranking में मदत ना करता हो, पर इसके के मदत से आपम रेफेरल ट्रैफिक ला सकते हो.
इंटरनेट में बहत सारा ऐसे साइट्स हैं जिसे उसे करके आप ट्रैफिक ला सकते हो.

बैकलिंक्स से क्या फायदे होते हैं?

बैकलिंक्स ब्लॉग के लिए बहत जरुरी होता है. जैसेकि में पहले ही बता चूका हूँ, के एक वेबसाइट को rank करने के लिए सभी SEO के साथ साथ बैकलिंक्स भी बनाना जरुरी होता है.
जय की की हम सभी जानते हैं, की बैकलिंक बनाने का कोई लिमिटेशन नहीं है. और daily बैकलिंक हैबिट से वेबसाइट पे बहत ज्यादा ट्रैफिक और popularity बढ़ता है. इसके वजेसे वेबसाइट को लोग पसंद करते हैं, और diract ट्रैफिक वेबसाइट पे आना start हो जाता है.
जैसे की बहत सरे ऐसेभी websites हैं, जहाँपे link drop करके रेफेरल त्रफक आ सकते है.
बैकलिंक्स के habit से कोईभी website को rank करने के साथ साथ बहत सरे अन्य फ़ायदा भी होता है. जैसे की

वेबसाइट रैंक Increase होता है?

जब कोई सर्च इंजन में सर्च करता है, जो 1st पेज में result show करता है, वो सब optimised रिजल्ट होता है. उसी तरह जब आप किसी दूसरी साइट से बैकलिंक लाते हो, तभी आपके वेबसाइट का priority और indexing रेट बढ़ जाता है. Then आपके वेबसाइट ranking बढ़ता है, सर्च इंजन के compitition के अनुसार आपके साइट को एक position मिलता है.

वेबसाइट में अगर compitater से ज्यादा quality बैकलिंक्स होता है, साइट google के 1st पेज में आ जाता है. Then वेबसाइट पे traffic आना start हो जाता है.
ये सभी प्रोसेस बैकलिंक के मदत से possible हो पता है. और इसको भी बैकलिंक के एक advantages में गिनजाता है.

Alexa रैंक Increase करता है

Alexa एक global रैंकिंग फैक्टर है. ये वेबसाइट के ट्रैफिक के उपर निर्भर करता है. वेबसाइट में किसी तरह का ट्रैफिक हो (Referal, Diract, Organic), Alexa website के volume को कैलकुलेट करके रैंक distribute करता है. मैं पहले ही बता चूका हूँ के आर्गेनिक ट्रैफिक के volume referal और Diract ट्रैफिक से काईन ज्यादा होता है. तो यहां पे हम ज्यादा बैकलिंक बढ़ा के alexa रैंक को increase कर सकते हैं.

Then, वेबसाइट का रैंक increase करके अलेक्सा रैंक का बढ़ोतरी हो सकता है.

Increase ReferalTraffic

एक वेबसाइट में referal ट्रैफिक की बहत impotance होता है. जो की साइट के Branding बढ़ाने के साथ साथ alexa रैंक और money makeing के लये भी फायदा होता है.
कुछ पॉपुलर साइट्स और forums ऐसे हैं अगर उन sites पे बैकलिंक बनाया जाये तो बहत referal ट्रैफिक मिल करसकते हैं. तो backlink organic ट्रैफिक, alexa rank बढ़ने के साथ साथ referal traffic एमए भी मदत करता है. Q&A वेबसाइट में अगर आप लिंक ड्राप करते हो तो आप लोगो के help करने के साथ साथ रेफेरल ट्रैफिक ला सकते हो.

आदिक जानकारी के लिए अप्प ये वेबसाइट देख सकते हो MOZ.

Conclusion:-

उम्मीद करता हूँ के, ऊपर के article आप के लिए मदत कर रहेगा। ऊपर के आर्टिकल में आप जान सकते हैं की बैकलिंक क्या है? और बैकलिंक से क्या फायदा होता है? अगर आर्टिकल में कुछ भी समाज ने में परिसानी होती है, और कोई नाइ तरीका है बैकलिंक बैकलिंक को लेके, कमेंट में मुझे जरूर बताये. धन्यवाद आर्टिकल रीड करने के लिए.

SEO In Hindi, Search Engine Optimization क्या है, पूरी जानकारी हिंदी मे

आप अभी इस वेबसाइट पर है मतलब आपका SEO के बारेमे जानकारी चाइये.

Don’t worry, में आपको जरूर सहायता करूँगा।

इस आर्टिकल में हम आज जानेंगे के SEO क्या है? और ये क्यासे काम करता है? और SEO कैसे करे?

अगर आप ठीक से ये आर्टिकल को पढ़ेंगे तो basic SEO के सारि जानकारी आपको मिलपायेगा.

SEO का पूरा मतलब है “Search Engine Optimisation”. Search Engine में किसीभी वेबसाइट का ranking increase करके, वेबसाइट को 1st पेज लानेकेलिए SEO किया जाता है.
इंटरनेट में बहत सारा factor है जिससे वेबसाइट पे Trffic drive किया जासकता है. उनमेसे SEO सबसे powerful factor है.SEO in Hindi, Basic SEO guide in hindi

Search Engine Optimisation क्या है? SEO In हिंदी।

SEO एक process है जिसके माध्यम से वेबसाइट पर organic traffic drive होता है.

In other word “SEO एक process है जिसे use करके करके किसीभी वेबसाइट को गूगल के 1st पेज लाया जाता है“. Search Engine के result पेज को SERP Result काहा जाता है. SEO के प्रक्रिया के आधार पर, इसे दो भागों में विभाजित किया गया है, पहला पेज On-Page SEO है और दूसरा Off-page SEO है।

एक और वेबसाइट है जो SEO पर बेहतर Result दे सकती है, Moz.

SERP Kya Hai:

हर दिन लोग Search Engine में कुछ ना कुछ Search करते रहते हे. Search करने के बाद, 1st पेज में जो sesult show करता है, उसे optimised result होता है. जो की SEO किया हुआ है. और उस पेज को SERP result (Search Engine Result Page) कहा जाताहै।
SERP में Meta Title & Meta description रिजल्ट शो करता है. जो की SEO में बहत जरुरी होता है.

SEO Kya hai In hindi

Organic Traffic Kya Hai:

“वेबसाइट को Search Engine में optimise करके, Search Engine से जो Traffic लाया जाता है उसे Orgaic traffic कहा जाता है.” 

साधारण भासा में Search Engine से जो ट्रैफिक Refer होक वेबसाइट में आता है उसे Organic Traffic कहते है. Google के 1st पेज में Show करने के लिए दो तरीके हे एक या तो आप Paid Marketing करके ट्रैफिक Generate करसकते हो या आपने वेबसाइट को Google में Optimise करके Organic Traffic ला सकते हो.

Paid markting में बहत सारा money invest करना पड़ता है, अगर आप SEO करतेहो तो बिना पैसा खर्च किये organic traffic ला सकते हो.
Google Adsense में Google जितना Publisher को paid करता हैं, उससे 40% अधिक advertiser से Charge करता है.

Paid Marketing तुलना में SEO एक अछि option है traffic लानेका.

Keyword Research Kya Hai:

SEO में Keyword research एक vital पार्ट है. बिना keyword research के आप कोई भी article लेख सकतेहो लेकिन उसे Google में rank करना मुल्किल होता है. तो इस लिए SEO में Keyword Research जरुरी होता है.

Keyword research के मदत से वेबसाइट पे targeted और relevant आर्गेनिक Traffic आना possible होता है.
ऑनलाइन में बहत सारा tool है जो Google Keyword research डाटा provide करते हे. Semrush, Arhefs, Longtail pro, & Google Keyword Planner. इन सभी tool से google keyword planner सबसे अच्छा और free टूल है जो की आपको फ्री में keyword के जानकारी देता है.

On-Page SEO Kya Hai:

Keyword research के तरह On-Page SEO भी एक essencial पार्ट है.

SEO Keyword research के बाद आपके वेबसाइट में On-Page SEO ठीक होना बहत जरुरी है. इन दिनों Google, On-Page SEO पे बहत ध्यान देता है.

Actually On-Page क्या है?

Answer है “वेबसाइट को Optimize करने केलिए वेबसाइट के inside में जो changes किया जाता है उसे On-Page SEO कहते है”.

On-Page SEO के बहत सारा Process है, उसे optimize करना बहत जरुरी है.
On-page SEO के Factors:

  1. Title tag optimization
  2. Permalink optimization (canonical Link)
  3. Keyword Implementation
  4. Keyword density
  5. Image Alt tag & Title tag
  6. Header tags (h1, h2,h3…)
  7. Meta description Optimization
  8. Structure data Implementation
  9.  Mobile-Friendly pages
  10. Website Speed
  11. Robots.txt file
  12. Sitemap.xml page
  13. Internal Linking
  14. External Linking

Off-Page SEO Kya Hai

Off-Page SEO अबतक का सबसे difficult SEO Process है.

इस SEO process में, एक वेबसाइट को optimize करने केलिए outside of वेबसाइट में Link Building करना पड़ता है. In Other words इसे Link Building SEO भी कहा जाता है. इस process में वेबसाइट को optimize करने के लिए दूसरे वेबसाइट में Link Building करना पड़ता है. और इस process को backlink कहते हे.

 

“Backlink एक hyperlink है means text inside the external link (Highlighted On A website) होता है”

 

बिना backlink के वेबसाइट को Google में rank करना बहत मुश्किल होता है. आपके वेबसाइट में जितना Backlink होगा उस हिसाब से आपका वेबसाइट का rank, Domain Authority ज्यादा होगा. वेबसाइट को ज्यादा Organic Traffic मिल पायेगा.

तो वेबसाइट में Link Building का बहुत बड़ा भूमिका है.

Link Building/Off-Page key Factors:

  1. Guest posting
  2. Social Bookmarking
  3. Slideshare Submission
  4. Blog Commenting
  5. Directory Submission
  6. PDF Submission

वेबसाइट में SEO के क्या जरुरत है:

जैसे के में आपको पहले बता चूका हूं, की सभी लोग उनके जरुरत के लिए Google में सर्च करते है. लगभग 90% लोग Google सर्च इंजन उसे करते हे.

अगर किसी वेबसाइट के analytics डाटा देख जाए, इसमें बहुत प्रकार का traffic होता है. Referal Traffic, Diract Traffic & Organic Traffic. सभी वेबसाइट traffic आछा होता है. लेकिन Search Engine ट्रैफिक यानि Organic Traffic topic relevant टरट्राफिक होता है. क्योंकि लोग अपने जरुरत की जानकारी केलिए Search Engine में Search करते हे. और उनके जरुरत के हिसाब से वेबसाइट पे visit करते हे.

Google analytics Image in hindi

(ये मेरे एक वेबसाइट का data है, जिसमे आप देख सकते हो की organic Traffc के Term sabse ज्यादा है)

इस से ये फयादा ये होगा की

  • से targeted ट्रैफिक generate कर सकतेहो
  • किसीभी Product को कम समय में प्रमोट करसकते
  • Website के मद्धम से खुद का ब्रांड बनसकते हो
  • Huse ट्रैफिक से पैसा कमा सकते हो

Conclusion:-

ऊपर आर्टिकल में आप Basic SEO के sabhi जानकारी मिलचुका है. आशा करता हूँ ये आर्टिकल आपके लिए मददकर होगा। अगर आपके पाई SEO के बारे में कोई अधिक जानकारी है आप मुचे comment में बता सकते हो, Thank You For Visiting.